बिहार: मुलाकातियों व जेलर में नोकझोंक, कैदियों ने दी भूख हड़ताल की धमकी

0

हाजीपुर मंडलकारा में गुरुवार की शाम भारी तनाव हो गया। जेल में बंद लगभग दो दर्जन कैदियों ने जेलर को आवेदन देकर शुक्रवार से भूख हड़ताल पर जाने की बात कही है। जेलर द्वारा दो मुलाकातियों पर एफआईआर करने के बाद कैदी आक्रोशित हो गए हैं। गुरुवार की दोपहर एक कैदी से मुलाकात करने आए मुलाकातियों से पर्चा नहीं काटने को लेकर नोकझोंक हुई थी। इसी के बाद जेलर ने दोनों मुलाकातियों पर सदर थाने में एफआईआर कर दिया। तनाव को देखते हुए रात तक जेल अधीक्षक सहित भारी पुलिस बल मंडलकारा में जमी रही।

बताया जाता है कि गुरुवार को दो युवक मुलाकाती के रूप में जेल में लगभग आठ महीनों से बंद एक कैदी से मिलने के लिए आए थे। मुलाकातियों द्वारा बिना पर्चा कटाए ही जब कैदी से मिलने की सूचना जेलर आलोक कुमार को मिली तो दोनों युवकों से उन्होंने पूछताछ शुरू कर दी, लेकिन दोनों युवकों ने इस नियम की जानकारी नहीं होने की बात बताई। इसे लेकर दोनों युवकों और जेलर में विवाद हो गया। विवाद बढ़ने के बाद जेलर दोनों युवकों को पकड़कर थाने ले आए। जेल परिसर में घूसने के प्रयास के आरोप में दोनों युवकों को संदिग्ध मानकर सदर थाने में स्वयं के बयान पर युवकों के खिलाफ जेलर ने प्राथिमिकी दर्ज करवा दी और दोनों युवकों को सदर थाना पुलिस के हवाले कर दिया।

वहीं जब दोनों युवकों पर एफआईआर और इनके गिरफ्तार होने की सूचना जेल के अंदर पहुंची, तो कैदी आक्रोशित हो गए। लगभग दो दर्जन से ज्यादा कैदियों ने भूख हड़ताल करने की घोषणा करते हुए एक आवेदन जेल अधीक्षक रमेश प्रसाद को सौंपा। सूत्र बताते हैं कि कैदियों का इस विषय पर कहना है कि दोनों युवक जेल में बंद अविनाश श्रीवास्तव से मिलने आये थे। इसके लिए पर्चा बनवाने का प्रयास किया था, लेकिन कंप्यूटर में इस कैदी का नाम नहीं था। जिस कारण ड्यूटी पर तैनात कर्मी पर्चा बनाने को तैयार नहीं था। बताया जाता है कि कैदियों का आरोप था कि मिलने के लिए पर्चा दूसरे तरीके से भी बनवाया जा सकता था। उलटे जेलर ने दोनों को गिरफ्तार कर एफआईआर दर्ज करा दिया। समाचार लिखे जाने तक जेल सुपरिडेंट जैसे-तैसे कैदियों को समझा कर उन्हें बैरक के अंदर भेजा। जेलर सहित भारी पुलिस बल जेल के अंदर मौजूद थी।

दो मुलाकातियों पर जेलर द्वारा एफआईआर करने और सदर थाना के सुपुर्द करने पर कैदी आक्रोशित हैं। इस संबंध में जांच के लिए मुझे एक आवेदन भी दिया गया है। किसी तरह समझा-बुझाकर आक्रोशित कैदियों को उनके बैरक में भेजा गया है। जेलर द्वारा मुलाकातियों से सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं करने का आरोप कैदियों ने लगाया है। जेल का माहौल कंट्रोल में है।

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here