ITR भरते समय न करें ये 5 गलतियां, वर्ना बाद में पड़ेगा पछताना

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नया वित्त वर्ष शुरू हो गया है। टैक्सपेयर्स को वित्त वर्ष 2018-19 की आयकर रिटर्न 31 जुलाई तक फाइल करनी है। टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी है कि वह आईटीआर भरते समय कोई भी गलती न करें। आप बाद में किसी भी तरीके की परेशानी में न फंसे इसके लिए जरूरी है कि रिटर्न भरते समय कुछ बातों का ध्यान रखें। दरअसल, आईटीआर दाखिल करना अब जटिल काम नहीं रहा और कुछ आसान स्टेप को फॉलो कर आप घर बैठे भी अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। आईटीआर के ई-फाइलिंग की सबसे बड़ी सुविधा यह है कि इसके बाद आप अपने रिफंड को ट्रैक और प्रोसेस भी कर सकते हैं।

जरूरी दस्तावेज जुटाएं
आईटीआर की ई-फाइलिंग से पहले सभी जरूरी दस्तावेजों को एकत्र करना होगा। इसके लिए बेसिक दस्तावेज जैसे पैन, आधार नंबर या इनरोलमेंट आईडी के अलावा आय, निवेश और बैंक खातों की जानकारी भी साथ रखनी होगी। सैलरी के अलावा भी आय का कोई स्रोत है, जैसे शेयर मार्केट, घर का किराया तो उसके दस्तावेज भी जरूरी होंगे। विदेश स्रोत से भी आय मिलने पर उसका ब्योरा देना होगा।

ई-फाइलिंग अकाउंट बनाएं
अगर पहली बार ऑनलाइन आईटीआर दाखिल कर रहे हैं तो सभी दस्तावेज जुटाने के बाद आयकर विभाग की वेबसाइट पर ई-फाइलिंग अकाउंट बनाना होगा। इसके बाद लॉगिन करने के लिए पैन को यूजर आईडी जबकि पासवर्ड में जन्मतिथि का इस्तेमाल करेंगे।

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अपना आईटीआर फॉर्म चुनें
ई-फाइलिंग अकाउंट में लॉगिन करने के बाद डैशबोर्ड पर दिख रहे ‘फाइलिंग ऑफ इनकम टैक्स रिटर्न’ पर क्लिक करेंगे। इसके बाद आप जिस निर्धारण वर्ष के लिए आईटीआर दाखिल करना चाहते हैं, उसे चुनें। इसके बाद अपने लिए उपयुक्त आईटीआर फॉर्म का चुनाव करेंगे। इस साल से फॉर्म में कई बदलाव किए गए हैं, इसलिए चुनाव में सावधानी बरतें।

सभी तथ्य सही भरें
उपयुक्त आईटीआर फॉर्म का चुनाव करने के बाद सबसे जरूरी है कि सभी जानकारियों को पूरी तरह सही भरा जाए। आधार या इनरोलमेंट नंबर जरूरी होता है। अगर आधार नंबर नहीं है तो ऑनलाइन आईटीआर दाखिल नहीं हो सकेगा। इस बार सैलरी ब्रेकअप और संपत्ति से आय का ब्योरा विस्तृत रूप से मांगा गया है।

ई-वेरिफाई सबसे जरूरी
सभी डीटेल को दोबारा चेक करने के बाद फॉर्म को अपलोड कर दें। लेकिन आपका काम तब तक पूरा नहीं होगा जब तक ई-वेरिफाई को अपलोड नहीं करेंगे। इसके लिए आईटीआर फॉम दाखिल करने के 120 दिनों तक विंडो खुलेगी, जहां ई-वेरिफाई करा सकेंगे अथवा आईटीआर-5 की हस्ताक्षर वाली कॉपी आयकर विभाग के सेंट्रल प्रोसेसिंग केंद्र को भेज सकेंगे।

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