पाप का सज़ा मिला, न्यायालय ने दुष्कर्मी को 10 वर्षों की कैद और एक लाख अर्थदंड की सजा सुनाई

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ज़ाहिद अनवर (राजु) / दरभंगा

दरभंगा-केवटी थाना क्षेत्र के दोमे गांव निवासी विश्वनाथ महतो को पॉक्सो ऐक्ट के विशेष न्यायाधीश ब्रजेश कुमार मालवीय की अदालत ने 10 वर्ष की सश्रम कारावास और एक लाख रुपये अर्थदण्ड की सजा शुक्रवार को सुनाई। वहीं पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पीड़िता को 5 लाख रुपये भूगतान करने का आदेश पारित किया गया है। पॉक्सो एक्ट का विषेश लोक अभियोजक डॉ. विजय कुमार पराजित ने बताया कि होली के दिन 24 मार्च 16 की दोपहर 3 बजे दिन एक नावालिग लड़की दरबाजा पर से अपने घर में रंग लाने गई। बच्ची को अकेला जाते हुए देखकर अभियुक्त ने उसके घर में घुसकर जबरदस्ती उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के रोने-चिल्लाने की आवाज पर उसकी मां के साथ अन्य लोग भी पहुंचे तो अभियुक्त भाग गया। इसकी प्राथमिकी पीड़िता के पिता ने केवटी थाना में 26 मार्च 16 को दर्ज कराया था। केश के ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 9 गवाहों की गवाही कराकर अभियुक्त का जूर्म सावित करने में सफल रहा। मामलें में अनुसंधानक ने अनुसंधान पूर्ण कर 31अगस्त 2016 को आरोप-पत्र समर्पित किया। अदालत ने 17 अक्टूबर 2016 को वाद अभिलेख में संज्ञान लिया और 03 जनवरी 2017 को काराधीन अभियुक्त के विरुद्ध आरोप गठन किया। विशेष न्यायाधीश ने 11 अप्रैल 2019 को दुष्कर्म के जूर्म में दोषी करार दिया। शुक्रवार को सजा के बिन्दु पर बहस पश्चात दोषी विश्वनाथ महतो को 376 भादवि में 10 वर्षों की सश्रम कारावास और 50 हजार रुपऐ अर्थदंड, पॉक्सो एक्ट की धारा 6 में 10 वर्षों की सश्रम कारावास और 50 हजार रुपऐ अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं अर्थदण्ड भुगतान नहीं करने पर दोनों धाराओं में 2-2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतने का प्रावधान किया गया है। सभी सजायें साथ-साथ चलेगी।

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