ईमानदार पुलिसकर्मी की छायी किल्लत रिश्वतखोर और भ्रष्टाचारियों के भरोसे ओपी का कमान

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संवाददाता – महंथ रामजीवन दास

बीहट ( बेगूसराय ) एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री अपराधियों और भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने के लिए सीसीटीवी कैमरे को चौक – चौराहे पर लगाने का काम कर रहें हैं। दूसरी ओर कुछ अधिकारी पूरी हिफाजत से सीसीटीवी कैमरे का तोड़ निकालने में पीछे नहीं रहते । जहां एक तरफ गाछी टोला ओपी में रिश्वत लेने का मामला कैमरे में कैद होता है वही राजेन्द्र पुल पर लगा सीसीटीवी कैमरे को रोड से नीचे झुका दिया जाता है ताकि कोई पुलिस इसके दायरे में नहीं आ सकें। जहां शराब माफिया से सांठगांठ पर दिनांक 23.09.2018 को पूरा थाना में कई को लाईन क्लोज और सस्पेंड किया जाता है। वहीं शराब माफिया से सांठगांठ के कारण बछवाड़ा थाना से सस्पेंड सुमित कुमार को बिना जांच पूरा हुए चकिया ओपीध्यक्ष बनाया गया। जहां अवैध वसूली को अड़चन नहीं पहुंचें जहां होता है सुमित कुमार की पोस्टिंग वही एक ड्राइवर मनीष कुमार होता है। सुमित कुमार के पुराने वफादार मनीष कुमार जिसका उदाहरण समझें फुलवड़िया थाना अंतर्गत गोली मारकर 16 लाख की लूट हुआ था। जिसमें सुमित कुमार को पूर्ववत एसपी रंजीत कुमार मिश्रा ने सस्पेंड कर दिये। फिर मजबूत पैरवी पर कुछ दिनों के बाद बछवाड़ा थाना में थानाध्यक्ष बनाए गये। उस समय फुलवड़िया थाना के ड्राइवर थे मनीष कुमार फिर बछवाड़ा थाना में भी सुमित कुमार के करीबी मनीष कुमार मौजूद थे बछवाड़ा थाना के ड्राइवर के रूप में। फिर चकिया ओपी आने के बाद चकिया ओपी के भी ड्राईवर हैं मनीष कुमार। पिछले दो बार डियूटी में अनियमितता बरतने के आरोप में सस्पेंड हो चुके हैं सुमित कुमार। कुछ दिनों पहले भी दबंगई सामने आया था जब सिमरिया पुल पर बीहट निवासी एक शिक्षक जो कि केन्द्रीय विद्यालय संगठन मोकामा में शिक्षक हैं उनका हैल्मेट गंगा में फेंक दिए थें। वहीं सिमरिया घाट पर शराब की बिक्री खुलेआम से हो रहीं हैं जिसमें बिहार सरकार भवन, पंचायत भवन के सामने देशी शराब की अनगिनत पाऊच फेका देखा जा सकता है। वहीं गस्ती पुलिस गाड़ी सीधे तौर पर रिश्वत की रूपया लेते दिखाई देते हैं कैमरे में, वही पुल पर लगा सीसीटीवी कैमरे तो पुल के नीचे खुलेआम दो सिपाही दिन- दहाड़े रिश्वत लेते दिखाई देते हैं। वहीं रिश्वतखोरी के विरूद्ध आवाज उठाने वाले खुद सत्ताधारी पार्टी जदयू के नेता विपिन राय को पहले मिलता है धमकी झूठे मुकदमें में फंसाने का फिर फंसा भी दिया जाता है। जिसमें उचित जांच के लिए विपिन राय ने राज्यपाल से लेकर, मुख्यमंत्री, आईजी भागलपुर, डीआईजी मुंगेर, सभी को पत्र भी लिखें ये विपिन राय के कथन अनुसार । वहीं बुद्धिजीवी वर्ग ये अवश्य बताते हैं कि रिश्वतखोरी के नींव पर ही बेगूसराय में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। वहीं विपिन राय ने पत्रकारों को बताया अगर भ्रष्ट अधिकारी सुमित कुमार पर अगर जांच शुरू नहीं हुआ तो बहुत जल्द बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास के सामने आमरण अनशन करेंगे। वहीं सभी मामला जांच का विषय है चाहें वो गाछी टोला ओपी का रिश्वत लेने का मामला हो या चकिया ओपी का।

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