घटकिंडी,जहाँ सालों भर निवास करती है दुर्गा मैया

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तेघरा संवाददाता दयानन्द गुप्ता

घटकिंडी बड़ी दुर्गास्थान की महिमा की कहानी ही अलग है। यहाँ सच्चे मन से की गई भक्ति लोगो की मनोकामना पूरी करती है टी कपटी लोगो को सजा भी देती है। यही कारण है कि मैया के दरवार में हमेशा न्याय मिला है। लाखो करोड़ो रूपये बेईमानी करने वाले कपटी भी इस दरवार में झूठी शपथ नही खाता है।

अग्रेजो ने कराया था मंदिर का निर्माण.

बरोनी फ्लैग स्टेशन से लगभग 1किलो मीटर दूर गंगा तट बांध किनारे अवस्थित है घटकिंडी बड़ी दुर्गा स्थान। बात उस समय की है देश मे अग्रेजो का शासन काल चल रहा था मंदिर में ब्राह्मण तपस्याओं में लीन रहते थे उसी वक्त अग्रेजो द्वारा कही भवन निर्माण हेतु उस रास्ते से ईंट ले जाया रहा था मंदिर में कुछ ईट की जरूरत को देखते हुए पुजारी द्वारा कुछ ईट उतार लिया गया इसकी खबर जब अग्रेजो के पदाधिकारी को मिला तो आग बबूला होकर पुलिस के साथ पुजारी को गिरफ्तार करने हेतु मंदिर परिसर में जा पहुचा। उस समय पुजारी साधना में लीन था अग्रेजो की आवाज सुन कर पुजारी ने आँख खोली तो अग्रेजो ने ईट लेने पर भला बुरा कहा पुजारी शांत भाव से माँ दुर्गा की महिमा का बखान ओर उनकी शक्ति के बारे बताया, तब अग्रेजो ने कहा कि इतनी शक्ति अगर आपके माताजी में है मेरा हाथ का जख्म महीनों से नही छूट रहा है इसे ठीक करा दो मैं आपके माताजी के मंदिर का निर्माण करा दूँगा। अन्यथा ईट चोरी के जुर्म में सजा पाने को तैयार रहना। पुजारी कुछ बोलने के बजाय हवनकुंड से भबूत निकाल कर उसके जख्म पर छिट दिया और सर पर हाथ दे आशीर्वाद देते हुए कहा जल्द ही यह जख्म आपका ठीक ही जायेगा कुछ दिनों में अंग्रेज के हाथ का जख्म ठीक होगया इस बात खुश हो अग्रेजो ने वह मंदिर का निर्माण कर दिया।
वैदिक एवम तांत्रिक विधि से पूजा की जाती है
मूर्ति का निर्माण बहुत ही भक्ति भाव से किया जाता है मूर्ति का विसर्जन दसमी से पूर्णिमा की बीच कर दिया जाता है


यहा भैंसे की बली कि परम्परा अभी तक कायम है

इस इस सबन्ध में पुजारी जी बताते है कि अष्टभुजी माँ की मूर्ति का एक ही रंग स्थायी है। यह नवमी के दिन छागर की बलि की प्रधानता है मगर रात्रि में महिख की परम्परा आज भी कायम है। मगर इस बलि के नियम में थोड़ा बदलाव किया गया अब महिख वध करने के बजाय उसका कान कुछ हिस्सा काट कर छोर दिया जाता है।स्थानीय युवकों द्वारा मेला के अवसर पर उमड़ी भीड़ की सुरक्षा हेतु तत्पर देखे जाते है तो पुलिस भी सतर्क देखे जाते है

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