नोटबंदी के करीब सवा साल बाद एक बार फिर एटीएम पर ‘नो कैश’ के बोर्ड टंग गए हैं : कहा गए पैसे

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नो कैश

नोटबंदी के करीब सवा साल बाद एक बार फिर एटीएम पर ‘नो कैश’ के बोर्ड टंग गए हैं। देश के 10 राज्यों में एटीएम से नकदी नहीं मिल रही। इनमें मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, दिल्ली, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं। बाकी राज्यों में भी दिक्कत सामने आने लगी है। इस पर वित्त मंत्रालय ने कहा कि तीन महीने से नकदी की मांग दोगुनी रही है।

गुजरात:सूरत में बैंक 50 हजार रु. तक ही निकासी की इजाजत दे रहे।
बिहार:मांग की 35% ही सप्लाई, लोगों ने बैंक कर्मियों को बंधक बनाया।
झारखंड:17 जिलों में 445 एटीएम जांचे, 272 में ही कैश मिले।
मप्र:जमा और निकासी का अंतर रोजाना 700 करोड़।

छत्तीसगढ़: ज्यादातर इलाकों में 95% एटीएम बंद।

एटीएम में नकदी की कमी: वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं

क्या हुआ जनवरी से ही नकदी की मांग ज्यादातर राज्यों में दोगुनी हो गई थी
देश में हर माह 19 से 20 हजार करोड़ रु. नकदी की मांग रहती है। पर जनवरी से मांग दोगुनी हो गई। जनवरी से मार्च में हर माह 40 से 45 हजार करोड़ रु. सप्लाई किए गए। इससे स्टॉक कम हुआ। सामान्यत: 3 लाख करोड़ के बदले अभी 1.75 लाख करोड़ का स्टॉक है। अप्रैल में शुरू के 13 दिन में 45 हजार करोड़ रु. की डिमांड रही। यानी रोज 3,461 करोड़ रु. निकले।

मंगलवार को सरकार ने सफाई दी।

वित्त मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि सरकार के पास पैसे की दिक्कत नहीं है। वित्त राज्य मंत्री और आर्थिक मामलों के सचिव ने मीडिया से बात की। वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक की ओर से बयान जारी किए गए। कहा गया कि राज्यों और आरबीआई में कमेटी बनाकर राज्यों के बीच करेंसी का असंतुलन खत्म किया जाएगा। इसमें दो से तीन दिन लग सकते हैं।

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