बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा समाप्त: 11 से शुरू होगा मूल्यांकन

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अंतिम दिन ऐच्छिक विषयों की परीक्षा ली गयी। दो पालियों में ली गयी परीक्षा में हर केंद्र पर छात्रों की संख्या कम थी। मैट्रिक परीक्षा के दौरान पहली बार ऐसा हुआ जब निष्कासित छात्रों की संख्या दो सौ पार नहीं कर पायी। 2015 की बात करें तो मैट्रिक परीक्षा में सात सौ छात्र निष्कासित किये गये थे।

2019 में यह संख्या 162 पर आ गयी है। मैट्रिक परीक्षा के दौरान 162 परीक्षार्थी निष्कासित हुए तो वहीं फर्जी परीक्षाथिर्यों के रूप में 55 को पकड़ा गया। सबसे ज्यादा फर्जी परीक्षार्थी मुंगेर और गया जिले से सात-सात पकड़े गए। सबसे ज्यादा निष्कासन गया और मधेपुरा से 20-20 परीक्षाथिर्यों का किया गया।

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