चकिया थाना क्षेत्र से प्रभारी सुमित कुमार द्वारा नितीश सरकार और बिहार पुलिस प्रशासन को बदनाम करने तुलेहुए हैं

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पत्रकार महंथ रामजीवन दास

चकिया थाना अंतर्गत गुप्ता बांध के बगल में कसहा रूपनगर के बांध के पास गाँव के अपराधी तत्व अवैध ढंग से मिट्टी कटाई करावा रहा है जिससे गाँव में खतरा उत्पन्न हो गया है। इस संदर्भ में 11/11/2018 को ग्रामीणो ने चकिया थाना प्रभारी सुमित कुमार को सूचना भी दिया लेकिन चकिया थाना प्रभारी सुमित कुमार के तरफ से अभी तक कोई कार्यवाई नही की गई है और लगातार बांध के समीप मिट्टी कटाई का कार्य चल रहा है। यही हाल सिमरिया बिन्दटोली लवकी गाँव में है वहाँ भी अवैध ढंग से मिट्टी कटाई रात को 10 बजे से लेकर सुबह 7 बजे तक किया जाता है और कटे हुए मिट्टी को बेगूसराय भेज दिया जाता है इस संदर्भ में भी गाँव के सरपंच जापान राय ने चकिया थाना प्रभारी सुमित कुमार को सूचना दिया और व्यक्तिगत रूप से भी जाकर बताया की 25-30 फिट गड्ढा करके अवैध रूप से मिट्टी कटाई हो रहा ही लेकिन चकिया थाना प्रभारी सुमित कुमार ने इस बात को अनसुना कर दिया जिससे जाहीर होता है ये कार्य इनके मिलीभगत से हो रहा है।
मुख्यमंत्री नितीश कुमार जी ने कुछ सोचकर ही नए एसपी साहब को बेगूसराय जिला में भेजे है और एसपी साहब का कार्य बहुत अच्छा है इसलिए अपराधी भी जिला छोड़ कर भाग गया है लेकिन कुछ ऐसे थाना प्रभारी है जो चापलूसी करके एसपी साहब और बिहार के मुख्यमंत्री को बदनाम कर रहे हैं। इसका उदाहरण चकिया ओपी में है यहाँ बहुत ही गलत काम हो रहा है। ओभर लोडिंग गाड़ी ट्रक इंट्री का महिना बांध दिया है 10 हजार रुपये के हिसाब से प्रति गाड़ी जो सैकड़ों में है वसूला जाता है। यही हाल अवैध मिट्टी कटाई, अवैध बालू रोड के बगल में डलवा कर बिक्री करवाना, अवैध शराब बिक्री से महीनवारी वसूल करना इनका धंधा है।चकिया थाना के अंतर्गत जो भी गाँव है उसमे पेट्रोलिग न के बराबर है लेकिन इसके जगह पर मल्हिपुर चौक से राजेंद्र पुल तक जो गाड़ी बाहर का है और ओभर लोडिंग इंट्री नही देता है उसे पकड़कर थाना ले आता है और भयंकर जुर्माना का भय दिखाकर एक एक गाड़ी से 40से 50 हजार तक वसूल कर सुबह तक छोड़ दिया जाता है। दिनांक 10/11/18 को रात 12 बजे 3 टिप्पर बालू लोड ट्रक पकड़ाया और 75 हजार रुपया लेकर छोड़ दिया गया साथ ही दो ट्रकटर भी पकड़ाया उससे भी रुपया लेकर छोड़ दिया गया। अगर आप उपरोक्त संदर्भ में अपने स्तर से जांच करवाएँ तो आपको पता चल जाएगा कि चकिया ओपी में अवैध तरीके से रोजाना एक से डेढ़ लाख की वसूली की जाती है और ड्यूटी को नजरंदाज किया जाता है। एक महिला यौन शोषण का मामले को चकिया थाना में एफ़आईआर करवाने गयी तो थाना अध्यक्ष और जमेदार राघो सिंह ने 10 हजार रुपया मांगा और बोला रुपया देगी तो एफ़आईआर होगा नही तो तुम झूठा आवेदन लेकर आई हो। इस पर महिला ने बहुत रिक्वेस्ट किया। इसी तरह आम आदमी को पुलिस भेरिफिकेशन फार्म के लिए भी 200 रूपये हर आदमी से वसूल करता

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