मंत्री इलियास हुसैन समेत 3 को 4-4 साल की सजा :21 साल बाद फैसला

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पथ निर्माण मंत्री इलियास हुसैन
21 वर्ष पुराने अलकतरा घोटाले में बिहार के तत्कालीन पथ निर्माण मंत्री इलियास हुसैन, उनके निजी सचिव शहाबुद्दीन बेग और तत्कालीन ट्रांसपोर्टर जनार्दन प्रसाद अग्रवाल को 4 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।
सीबीआई अदालत के विशेष जज एके मिश्र ने गुरुवार को अपने फैसले में इलियास हुसैन और शहाबुद्दीन बेक पर 4-4 लाख और संजय अग्रवाल पर 6 लाख का जुर्माना भी ठोका। कोर्ट ने तीनों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। मामले में उपरोक्त तीनों आरोपियों के साथ तीन अन्य शमी अहमद, सुशील कुमार और रामावतार को भी नामजद किया गया था। लेकिन, जांच में सीबीआई ने तीनों को सरकारी गवाह बना लिया था।

छह आरोपी बनाए गए थे, तीन को सजा हुई, तीन को सीबीआई ने सरकारी गवाह बना लिया था

  1. सीबीआई ने इलियास, शहाबुद्दीन और जनार्दन अग्रवाल के खिलाफ ही अदालत में 26 जुलाई 2003 को चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने 30 मार्च 2007 को तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किया। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट में 31 गवाहों का बयान दर्ज कराया, जबकि तीनों आरोपियों की ओर से बचाव में 6 गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को भादवि की धारा 407, 420 और 120 बी के तहत दोषी ठहराया। इलियास हुसैन और शहाबुद्दीन बेग को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (2) के तहत भी दोषी माना गया।

2.      क्या है मामला

आरोप है कि गुमला डिविजन के अंतर्गत सड़क निर्माण के लिए आईओसीएल, हल्दिया से पंद्रह सौ मैट्रिक टन अलकतरा की आपूर्ति होनी थी। लेकिन, 359 मैट्रिक टन अलकतरे की आपूर्ति नहीं की गई और बदले में जाली बाउचर बनाकर 17 लाख 93 हजार 825 रुपए की राशि का गबन कर लिया गया। इसको लेकर सीबीआई के तत्कालीन इंस्पेक्टर पी के पाणीग्रही ने मामला दर्ज कराया था।

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