NEET Results 2018 की टॉपर कल्पना ने कहा-अवसर मिले तो बेटियां किसी से कम है , क्या?

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टॉपर बिहार की बेटी कल्पना ने कहा कि बेटियों को यदि समान अवसर मिले तो..

सीतामढ़ी:-  प्रथम प्रयास में ही नीट में ऑल इंडिया टॉपर बनी कल्पना का कहना है, पढ़ाई को कभी बोझ नहीं समझें। अपनी रुचि के हिसाब से कॅरियर चुनें और पूरी लगन से तैयारी करें। हम लड़कियां कभी पीछे नहीं होंगी। जरूरत है, समान अवसर मिलने की। उन्होंने कहा कि अपने बिहारी होने पर मुझे गर्व है।

कल्पना ने फोन पर बातचीत में कहा कि नवोदय विद्यालय, शिवहर से 10वीं की परीक्षा पास कर वाइकेजेएन कॉलेज में नामांकन कराया। इसी बीच दिल्ली स्थित एक कोचिंग संस्थान से मेडिकल की तैयारी शुरू कर दी। अभी 12वीं का परिणाम नहीं आया है।

उन्होंने कहा कि पढ़ाई को कभी बोझ ना समझें।

कल्पना ने कहा, पढ़ाई को मैंने कभी बोझ नहीं समझा। बड़े भाई, बड़ी बहन के अलावा माता-पिता और गुरुजनों का मार्गदर्शन मिलता रहा। अभिभावक की ओर से पढ़ाई के लिए कभी दबाव नहीं रहा। वे हमेशा प्रोत्साहित करते रहे। लड़का-लड़की में कभी फर्क नहीं समझा।

कल्पना अभी दिल्ली में अपने नाना रमेश मिश्रा के साथ रहती है। बेटी से मुलाकात के लिए मां ममता कुमारी और पिता राकेश मिश्र दिल्ली रवाना हो गए हैं।

बेटी नहीं बेटा है कल्पना 

पिता राकेश ने बताया कि कल्पना का बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना था। वह बेटी नहीं, बल्कि बेटा की तरह है। उसने जो कारनामा कर दिखाया है, वह बेमिसाल है। कहा, बेटा की चाहत रखने वालों के लिए यह सीख भी है कि बेटियां कम नहीं हैं। कल्पना के साथ हमलोगों की भी चाहत पूरी हो गई

इन्होंने कहा कि अपनी दो बेटियों एवं एक बेटे के बीच कभी भेद नहीं किया। जब जैसी इच्छा जाहिर की, पूरी करने में कसर नहीं छोड़ी। वह अन्य के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी है।

 

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