जिस देश में विपक्ष मर जाये वहाँ पेट्रोल 90 के पार बिकता है-ज़ीशान नैयर

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आज जब महंगाई आसमान पे है तो पेट्रोल डीज़ल शतक बनाने के क़रीब है रसोई गैस 900 के पाऱ और डॉलर प्रधानमंत्री की उम्र से बड़ा हो गया है ज़ीशान नैयर

2019 लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है,ऐसे में विपक्ष और देश की सबसे पुरानी पार्टी काँग्रेस की किया तैयारी है? अगर आप पीछे मुड़ के 2014 को देखें तो बीजेपी ने उसकी तैयारी 2011 से शुरू कर दी थीे!अप्रत्यक्ष रूप से अन्ना आंदोलन को मान सकते हैं! 2012 निर्भया कांड में भी काँग्रेस की फज़ीहत हुई, आम जनमानस में काँग्रेस विरोधी भावनों का ऊबाल हुआ,जैसा की दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और काँग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, हमें निर्भया कांड से भी काफ़ी नुक़सान हुआ वहीं से हमारे ख़िलाफ़ एक माहौल बना और हमारी पार्टी की हार हुई! उस वक़्त ऐसा लगता था मीडिया सच में लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है! और बीजेपी ने इसका फायदा उठा के मीडिया को अपनी तरफ़ लाना शुरू कर दिया ,जो 2014 के बाद जब उनकी सरकार बनी तो उन्होंनेे मीडिया को गोदी में बैठा लिया! 2014 से पहले पेट्रोल डीज़ल रसोई गैस के दाम बढ़ते थे तब बीजेपी हमेशा धरना हड़ताल नुक्कड़ सभायें आदि किया करती थी,आज इन साढ़े 4 सालों में काँग्रेस ने कितने धरने हड़ताल या नुक्कड़ सभायें की है? मतलब विपक्ष किया होता है वो 133 साल पुरानी पार्टी को इसका अंदाज़ा ही नही है, क्योंकि 70 सालों में क़रीब क़रीब 60 साल उनकी हुक़ूमत रही, तो लोकतंत्र में विपक्ष की किया भूमिका होती है ! इसका अंदाज़ा शायद उनको नही है! यही वजह है कि भारतीय जनमानस से उनकी दूरी बढ़ती जा रही है ! वैसे काँग्रेस के लिए कहा जा सकता है जीती बाज़ी को हारना इन्हें आता है! आज जब महंगाई आसमान पे है पेट्रोल डीज़ल शतक बनाने के क़रीब है रसोई गैस 900 के पाऱ डॉलर प्रधानमंत्री की उम्र से बड़ा हो गया है यानि प्रधानमंत्री की उम्र 68 की और एक डॉलर 75 का 2014 से पहले प्रधानमंत्री मोदी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पे ऐसा तंज़ किया करते थे!तो सरकार को घेरने के लिए काँग्रेस कि तैयारी है? राष्ट्रीय स्तर पे कांग्रेस महागठबंधन की बात कर रही है यही उनकी मजबूरी भी है वरना सभी पार्टीयों का वजूद मिट जायेगा वैसे गठबन्धन होते भी मजबूरी की वजह से ही किया मायावती ने धोखा दे दिया?वो राजस्थान, छत्तीसगढ़ ,मध्यप्रदेश में अकेले चुनाव लड़ेगी! वैसे ये देखना होगा काँग्रेस को वहाँ कितना नुक़सान पहुँचा सकेगी : वैसे कई विशेषज्ञों का मानना है की शायद काँग्रेस को ज़्यादा प्रभाव नही पड़ेगा! वैसे इस विधान सभा चुनाव को आम चुनाव का सेमीफाइनल कहा जा रहा है! जो है भी क्योंकि इसके बाद मार्च अप्रैल में आम चुनाव होंगे वैसे कई टीवी चैनलों के ओपिनियन पोल सर्वे में काँग्रेस की सरकार बनती दिख रही! राजस्थान में 5 साल में सत्ता परिवर्तन का इतिहास रहा है,मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी 15 साल से सत्ता में है और वहां सरकार विरोधी भावना ऊबाल पे है,क्योंकि वहां कोई दूसरी ऐसी पार्टी नही है जो सरकार बना पाए वैसे में इसका फायदा सीधे कांग्रेस को जायेगा! तीनों जग़ह बीजेपी की सरकार है और उनके पास प्रधानमंत्री मोदी जैसा ऐसा नेता है जो किसी जादूगर से कम नही है वैसे ये बातें उनकी पार्टी के नेता और मीडिया का बहुत बड़ा वर्ग कहता है उनमे वो कला है 1% को 100% सच में बदल दें इमोशनल अटैक पाकिस्तान जिन्ना श्मशान कब्रिस्तान उनका चुनावी मिसाइल है जो जनता के भावनों पे अचूक वार करता है और उनको इसमें क़ामयाबी भी मिलती रही है!लोगों में उनके प्रति अंधभक्ति ऐसी है नोटबन्दी में 2000 के नए नोट में नेनो चिप ढूँढ़ रहें थे प्रधानमंत्री मोदी पे उनको यक़ीन था वो नेनो चिप वाले नोट ला सकतें हैं! काँग्रेस के लिए राफेल चुनाव से पहले एक संजीवनी लेकर आई थी 4 दिन के प्रेस कॉन्फ्रेंस और दर्जनों ट्वीट के बाद वो भी ग़ायब होता दिख रहा है!क्योंकि काँग्रेस अपना कॉन्फिडेंस खो चुकी है!अग़र काँग्रेस सत्ता में दोबारा आना चाहती है तो उनको प्रधानमंत्री पद की क़ुरबानी देनी होगी तब महागठबंधन का सपना सच हो सकता है, काँग्रेस की कमजोरी ये रही है जिन जिन राज्यों में क्षेत्रीय पार्टीयां मज़बूत रही वहां वो दोबारा वापसी नही कर पाई ! फ़िलहाल महागठबंधन बनता दिख नही रहा है अभी तक अगर महागठबंधन नही बना और सत्ता में दोबारा बीजेपी आगयी तो फ़िर काँग्रेस का अस्तित्व ख़त्म होने के क़गार पहुँच जायेगा अगले साल अप्रैल मई में चुनाव है देखिये होता है किया!

Author: Zeeshan Naiyer

Student – Department Of Mass Communication And Journalism
(Maulana Azad National Urdu University – हैदराबाद)

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