भगवान की तरह होती है शहीदों की पूजा

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छपरा – सारण प्रमंडलीय मुख्यालय से लगभग 40 किमी दूर एक गांव है जो अपने आप में अद्भुत है और शायद ही ऐसा कोई दूसरा मिशाल देखने को मिले। इस गांव का नामकरण भी लोगों ने शहीदों के नाम पर ही किया है और जिसका नाम शहीदे आजम भगत सिंह नगर रखा। इलाके से गुजरने वाले सभी लोग इस मंदिर के आगे सिर झुकाकर नमन करना और सलामी देना नहीं भूलते हैं। यह गांव बिहार के सारण जिले में है और इसका नाम है कोहरा बाजार।

यह बिहार के एक ऐसे गांव की कहानी है जहां शहीदों को भगवान का दर्जा मिला है। उनका स्थान किसी सड़क या मोहल्ले का चौक-चौराहा नहीं बल्कि मंदिर होता है। इस मंदिर में राष्ट्रीय पर्व पर इन जवानों को श्रद्धांजलि तो दी ही जाती है। आम दिनों में भी लोग यहां पूजा-पाठ करते हैं। इस गांव का नामकरण भी लोगों ने कोहरा बाजार से बदल कर शहीदों के नाम पर रखा और आज ये भगत सिंह नगर के नाम से जाना जाने लगा है।

स्थानीय निवासी रविशंकर सिंह ने बताया कि जिन शहीदों ने हमारी रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी उनको सम्मान देना हमारी भी जिम्मेदारी बनती है। इसलिए हमने शहीदों के लिए इस मंदिर का निर्माण कराया है। उन्होंने बताया कि इस मंदिर के आसपास राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर भव्य मेला लगता है और दूर-दराज के लोग भी यहां शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं। गांव के शुरू में ही बनाए मंदिर देशप्रेम की अनोखी मिसाल है। इस मंदिर का निर्माण जन सहयोग से किया गया है। इसके निर्माण की शुरुआत एक शिक्षक ने बीस साल पहले की थी।

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